हां, यह बयान किसी और ने नहीं बल्कि खुद अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा ने दिया है। भारतीय और चीनी पेशेवरों पर अमेरिकी कंपनियों की बढ़ती निर्भरता को देखते हुए ओबामा ने कहां कि ‘मैं नहीं चाहता कि अमरिकी कंपनिया कुशल पेशवरों के लिए भारत और चीन की ओर देखें वे ऐसे पेशवरों को अमेरिका में ही खोजे’।
अमेरिका में इंजीनियरिंग, प्रौद्योगिकी और विज्ञान से जुड़ी कंपनियां अधिकतर भारतीय और चीनी पेशेवरों को तवज्जो देती हैं जिससे अमरीकी नागरिकों को रोजगार पाने में दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। आपको बता दें कि पिछले महीने भी ओबामा ने कहा था कि विदेशी नागरिकों को नौकरी देने वाली कंपनियों को टैक्स में छूट खत्म कर देनी चाहिए। साथ ही उन्होंने कहा कि देश में रोजगार लाने वाली कंपनियों को पुरस्कृत करने के लिए सरकार जल्द ही नई नीतिया लाएगी।
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