महंगाई काबू में न आती देख भारतीय रिजर्व बैक मंगलवार को एक बार फिर प्रमुख नीतिगत दरों जैसे रेपो रेट में बढ़ोतरी कर सकता है। आरबीआई के अनुसार महंगाई अब भी बढ़ रही है और उसे नियंत्रित करने के विकल्प भी काफी सीमित हैं। इन परिस्थितियों में मंगलवार को रेपो रेट और रिवर्स रेपो रेट में आरबीआई द्वारा फिर से बढ़ोतरी किए जाने की पूरी संभावना है। वह भी तब, जब रिजर्व बैंक ने सोमवार को आर्थिक विकास दर में कमी आने की भी बात स्वीकार कर ली है। दरअसल, रेपो रेट बढऩे से आर्थिक विकास की रफ्तार पर भी नकारात्मक असर
पडऩे की आशंका है। कारण यह है कि रेपो रेट बढऩे पर बैंक भी अपने कर्ज को महंगे करने लगते हैं जिससे ग्राहकों पर ब्याज बोझ बढ़ जाता है और कर्जों की मांग घट जाती है। रिजर्व बैंक ने मंगलवार को पेश होने वाली मौद्रिक नीति की छमाही समीक्षा से पहले सोमवार को जारी रिपोर्ट में कहा है कि अंतरराष्ट्रीय और घरेलू बाजारों की परिस्थितियों को देखते हुए चालू वित्त वर्ष में आर्थिक विकास दर आठ फीसदी से कम रहने की संभावना है। इस तरह यह बीते वित्त वर्ष में दर्ज 8.5 फीसदी विकास दर की तुलना में कम रहने की आशंका है।
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