जीवन बीमा क्षेत्र की अग्रणी कंपनी भारतीय जीवन बीमा निगम (एलआईसी) द्वारा जुटाए गए प्रीमियम में आई तेजी के दम पर जीवन बीमा कंपनियों के पहले साल के प्रीमियम संग्रह में बढ़ोतरी हुई है। मौजूदा वित्त वर्ष में अप्रैल से फरवरी के दौरान जीवन इन कंपनियों ने पहले साल के प्रीमियम के रूप में 1,03,877.63 करोड़ रुपये जुटाए जो पिछले साल की समान अवधि की तुलना में 23.8 फीसदी अधिक है।
मौजूदा वित्त वर्ष की इसी अवधि में एलआईसी ने नई पॉलिसियां बेचकर 73,121.61 करोड़ रुपये जुटाए जो पिछले साल की समान अवधि के मुकाबले 34.6 फीसदी अधिक हैं। पिछले साल की समान अवधि में कंपनी ने नई पॉलिसियों बेचकर 54,320.23 करोड़ रुपये जुटाए थे।
पिछले वित्त वर्ष में अप्रैल से फरवरी के दौरान बीमा कंपनियों ने पहले साल के प्रीमियम के तौर पर 83,891.15 करोड़ रुपये जुटाए थे। भारतीय बीमा विनियमन एवं विकास प्राधिकरण (आईआरडीए) की ओर से जुटाए गए आंकड़ों के मुताबिक मौजूदा वित्त वर्ष के पहले 11 महीनों में निजी बीमा कंपनियों की ओर से जुटाए गए प्रीमियम में 4 फीसदी की मामूल बढ़ोतरी हुई है। इनका प्रीमियम संग्रह बढ़कर 30,756.02 करोड़ रुपये हो गया जो पिछले वर्ष की समान अवधि में 29,570.92 करोड़ रुपये थी।
इस साल फरवरी में प्रीमियम संग्रह पिछले महीने की तुलना में 7 फीसदी बढ़कर 8,343.85 करेाड़ रुपये रहा। जनवरी 2011 में यह रकम 8301 करोड़ रुपये थी। हालांकि बीते साल सितंबर में बीमा उद्योग के लिए नए नियम लागू करने के बाद से ही बीमा योजनाओं की बिक्री में कमी आई है। हालांकि प्रीमियम आय में जो बढ़ोतरी देखने को मिली वह वित्त वर्ष के शुरुआती 6 महीने के दौरान की है। जनवरी में प्रीमियम संग्रह दिसंबर के मुकाबले 14.50 फीसदी घट गया जो दिसंबर में 9,709 करोड़ रुपये था। बीते साल नवंबर में नए कारोबार से आय 7,282 करोड़ रुपये रही।
फरवरी में एलआईसी का नया प्रीमियम संग्रह पिछले साल की तुलना में 12.9 फीसदी बढ़ गया जबकि निजी बीमा कंपनियों के लिए इसमें 4.98 फीसदी की कमी आई। सबसे बड़ी निजी बीमा कंपनी एसबीआई लाइफ के लिए मौजूदा वित्त वर्ष के पहले 11 महीनों में नए कारोबार से प्रीमियम आय 5845.31 करोड़ रुपये रही जो पिछले वित्त वर्ष की समान अवधि के मुकाबले 1.9 फीसदी अधिक है।
| Another articles: |
|---|
|
| Powered By relatedArticle |
नई दिल्ली।। भारतीय नियंत्रक और महालेखा...
26 March 2011 Read more...जीवन बीमा क्षेत्र की अग्रणी कंपनी भारतीय...
25 March 2011 Read more...